Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट का संकà¥à¤°à¤®à¤£ (गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस)
पेट में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ जिसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में सà¥à¤Ÿà¤®à¤• फà¥à¤²à¥‚ गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस कहा जाता है, पाचन तंतà¥à¤° की परत में सूजन की वजह से होता है। यदि आपके शिशॠको दसà¥à¤¤ (डायरिया) है या वह उलà¥à¤Ÿà¥€ कर रहा है, तो हो सकता है उसे गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस हो।
इस लेख में आप पेट में इनफेकà¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में जानें, साथ ही जानें कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाठऔर कब यह à¤à¤• आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है।
पेट में इनफेकà¥à¤¶à¤¨ या गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस कà¥à¤¯à¤¾ है?
पेट में इनफेकà¥à¤¶à¤¨ को सà¥à¤Ÿà¤®à¤• फà¥à¤²à¥‚, गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस या जठरांतà¥à¤°à¤¶à¥‹à¤¥ कहा जाता है। इसे 'डी और वी' नाम से à¤à¥€ जाना जाता है, जो कि डायरिया (दसà¥à¤¤) और वॉमिटिंग (उलà¥à¤Ÿà¥€) के संकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ शबà¥à¤¦ हैंं। गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के à¤à¤• समूह का नाम है, जिससे निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं:
पेट में दरà¥à¤¦
पानी जैसा पतला मल, दिन में कम से कम तीन बार (डायरिया)
उलà¥à¤Ÿà¥€
बà¥à¤–ार
ठंड व कंपकंपी लगना और दरà¥à¤¦ होना
à¤à¥‚ख कम लगना
अधिकांश शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को साल में कम से कम à¤à¤• बार तो पेट में गड़बड़ होती ही है। इसकी वजह से दसà¥à¤¤ और कई बार उलà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ हो सकती है। यह आमतौर पर केवल कà¥à¤› ही दिन रहता है और अकà¥à¤¸à¤° चिंता का विषय नहीं होता।
हालांकि, कà¥à¤› मामलों में यह बीमारी à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ या इससे à¤à¥€ लंबे समय तक बनी रह सकती है। परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ और पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤à¤°à¥€ देखà¤à¤¾à¤² से अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ जलà¥à¤¦ ही सामानà¥à¤¯ हो जाते हैं
शिशà¥à¤“ं में पेट के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ या गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस के कà¥à¤¯à¤¾ कारण होते हैं?
विषाणॠअधिकांशत: इसकी वजह होते हैं और सबसे आम है रोटावायरस। यह विषाणॠआसानी से फैलता है और दूसरे लोगों के संपरà¥à¤• में आने से à¤à¥€ हो सकता है।
आपके शिशॠने शायद विषाणॠसे संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाया होगा या विषाणॠसे संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के कप या बरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया होगा। शिशॠको यह बीमारी मल से दूषित किसी चीज को छूने और फिर वही हाथ मà¥à¤‚ह में लेने से à¤à¥€ हो सकती है।
अनà¥à¤¯ मामलों में इसका कारण à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ पैदा करने वाले जीवाणॠà¤à¥€ हो सकते हैं, जैसे कि सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾, शिगेला, सà¥à¤Ÿà¥‡à¤«à¤¿à¤²à¥‹à¤•ोकस, कैंपिलोबेकà¥à¤Ÿà¤° या ई. कोली। जिआरडिया या कà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¿à¤¯à¤® जैसे परजीवी à¤à¥€ गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस की वजह हो सकते हैं।
कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को फà¥à¤²à¥‚ होने पर à¤à¥€ डायरिया व उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है। यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की à¤à¥€ यही वजह है, तो गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस के संकेतों के साथ-साथ आपके शिशॠको निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकते हैं:
बà¥à¤–ार
शà¥à¤µà¤¾à¤¸ संबंधी लकà¥à¤·à¤£ जैसे कि खांसी या गले में खराश
ठंड व कंपकंपी लगना और थकान
नाक बहना
सिरदरà¥à¤¦
शरीर और जोड़ों में दरà¥à¤¦
लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर विषाणॠके संपरà¥à¤• में आने के चार से 48 घंटों के à¤à¥€à¤¤à¤° दिखाई देने लगते हैं और सामानà¥à¤¯à¤¤: कà¥à¤› दिनों तक बने रहते हैं। गंà¤à¥€à¤° मामलों में ये लकà¥à¤·à¤£ सात दिनों या इससे à¤à¥€ अधिक समय के लिठरह सकते हैं। अननà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ (à¤à¤•à¥à¤¸à¤•à¥à¤²à¥‚सिव बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग) करने वाले शिशà¥à¤“ं को गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले या ठोस आहार खाने वाले शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम होती है।
मà¥à¤à¥‡ शिशॠके पेट के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का उपचार कैसे करना चाहिà¤?
पेट में गड़बड़ी होने पर खूब सारा तरल पदारà¥à¤¥ लेना सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। यदि शिशॠको गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस है, तो उसके शरीर में पानी की कमी होने का खतरा रहता है। जब तक शिशॠजलनियोजित बना रहेगा, वह इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ सकेगा।
यदि आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता है, तो उसे बार-बार सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध पीने दें। सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध उसे जलनियोजित रहने में मदद करेगा। साथ ही इसमें रोगपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ारक (à¤à¤‚टीबॉडीज) होते हैं, तो इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ने में मदद करते हैं। जब शिशॠबेहतर महसूस करे और उसे à¤à¥‚ख लगे, तो उसे सामानà¥à¤¯ आहार दिया जा सकता है।
यदि आपका शिशॠछह महीने का है, तो उसे जलनियोजित रखने के लिठआप निमà¥à¤¨ चीजें दे सकती हैं:
पानी
ओरल रीहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ सोलà¥à¤¯à¥‚शन (ओआरà¤à¤¸)
नारियल पानी
छाछ
पानी मिलाकर पतला किया गया अनार या सेब का रस
चावल का पानी (कांजी)
नींबू पानी
लसà¥à¤¸à¥€
शिशॠको गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब संपरà¥à¤• करना चाहिà¤?
जब à¤à¥€ आपको लगे कि शिशॠकी तबियत ठीक नहीं है, तो हमेशा उसके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करनी चाहिà¤à¥¤ खासकर यदि शिशॠकी उमà¥à¤° छह महीने से कम हो। यदि आपका शिशॠबहà¥à¤¤ अधिक उलà¥à¤Ÿà¥€ कर रहा है और साथ में डायरिया à¤à¥€ है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसे ओआरà¤à¤¸ का घोल देने की सलाह दे सकते हैं। यह घोल पूरे दिन छोटे-छोटे घूंट में उसे पिलाती रहें, ताकि वह जलनियोजित रहे।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠकी उमà¥à¤° और वजन के आधार पर बताà¤à¤‚गे कि उसे कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में यह घोल पीना है। साफ, उबालकर ठंडे किठगठपानी से यह घोल तैयार करें और पैकेट पर दिठगठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें। यदि डॉकà¥à¤Ÿà¤° निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण के सà¥à¤¤à¤° को लेकर चिंतित हैं, तो आपके शिशॠको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ à¤à¥€ किया जा सकता है। उसे जलनियोजित करने के लिठडà¥à¤°à¤¿à¤ª लगाई जा सकती है।
निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बचà¥à¤šà¥‡ को तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚:
शिशॠनिरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•ृत हो रहा है
उसे 101 डिगà¥à¤°à¥€ फेहरनहाइट से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤–ार है
दो दिन से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय से उलà¥à¤Ÿà¥€ कर रहा है
उसके मल में खून आ रहा है
उसके पेट में सूजन है और पेट कड़ा हो रहा है
वह दिन में 10 या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— कर रहा है
उसे हरी (पितà¥à¤¤ वाली) उलà¥à¤Ÿà¥€ हो रही है
निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण के संकेतों में शामिल हैं:
शिशॠआमतौर पर असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ सा लगे
सामानà¥à¤¯ से कम गीली नैपी या डाइपर
अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• नींद आना, थकान, सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ या शकà¥à¤¤à¤¿à¤¹à¥€à¤¨ महसूस होना
चिड़चिड़ा होना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर à¤à¥à¤°à¥à¤°à¥€à¤¯à¤¾à¤‚ और आखें धंसना
धंसे हà¥à¤ कलांतराल (शिशॠके सिर के ऊपर नरम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨)
सांसे तेज चलना
गहरा पीला और दà¥à¤°à¥à¤—ंध वाला पेशाब
रà¥à¤–ी तà¥à¤µà¤šà¤¾, होंठया मà¥à¤‚ह
बिना आंसà¥à¤“ं के या थोड़े-बहà¥à¤¤ आंसà¥à¤“ं के साथ रोना
यदि आपके शिशॠके हाथ-पैर ठंडे और फीके रंग के लग रहे हों, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। यह शरीर में पानी की कमी होने का सबसे विलंबित लकà¥à¤·à¤£ है और संकेत है कि शिशॠकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बिगड़ रही है और वह शॉक में चला गया है। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो, तो बचà¥à¤šà¥‡ को असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में डà¥à¤°à¤¿à¤ª चढ़ाई जाà¤à¤—ी।
बचà¥à¤šà¥‡ को पेट के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचाने के लिठमैं कà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
रोटोवायरस का टीका शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को डायरिया के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है। यह टीका लगवाना अनिवारà¥à¤¯ है।
बचà¥à¤šà¥‡ को इस टीके की दो से तीन खà¥à¤°à¤¾à¤•ें दी जानी चाहिà¤, हालांकि ये खà¥à¤°à¤¾à¤• इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजा रहे टीके पर निरà¥à¤à¤° करती हैं। आदरà¥à¤¶à¤¤: यह नीचे बताई अवधि पर लगना चाहिà¤:
पहला टीका छह सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पर
दूसरा टीका 10 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पर
तीसरा टीका 14 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पर
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें छह सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से कम और चार महीनों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं को इस टीके की पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• नहीं दी जा सकती। यदि आप शिशॠको यह टीका नहीं लगवा पाई हैं, तो इस बारे में शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
हमेशा ही सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप और आपके परिवार के सदसà¥à¤¯ अपने हाथों को साफ रखें। बार-बार हाथ धोते रहने से शिशॠतक कीटाणॠपहà¥à¤‚चने का खतरा कम हो जाता है। शिशॠको दूध पिलाने या खाना खिलाने से पहले अपने हाथ हमेशा साबà¥à¤¨ और गरà¥à¤® पानी से धोà¤à¤‚। इसके अलावा नीचे दिठगठकामों के बाद à¤à¥€ अपने हाथ धोà¤à¤‚:
शौचालय के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के बाद
बागबानी के बाद
ससबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को छूने या ​काटने के बाद
बिना पके मांस को छूने के बाद
पालतू जानवरों को छूने के बाद
डाइपर या लंगोट बदलने के बाद
बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शौचालय में मदद करने के बाद
यह नियम बना लें कि बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शिशॠके साथ खेलने, उसके खिलौनों, बोतलों या दूध पिलाने की अनà¥à¤¯ चीजों को छूने से पहले अपने हाथ अचà¥à¤›à¥€ तरह धोने होंगे।
जब शिशॠबैठना और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल चलना शà¥à¤°à¥ कर देता है, तो वे फरà¥à¤¶ पर पड़ी चीजों को उठाकर मà¥à¤‚ह में डाल सकते हैं। तब वे हर तरह के कीटाणà¥à¤“ं और कीड़ों के संपरà¥à¤• में आते हैं। अचà¥à¤›à¥€ बात है कि इस समय तक आपके शिशॠकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ à¤à¥€ पूरà¥à¤£ विकसित होना शà¥à¤°à¥ हो जाती है। यह पà¥à¤°à¤•ृति का à¤à¤• शानदार तरीका है!
आप यह à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कर सकती हैं, कि:
आपका शिशॠसाफ फरà¥à¤¶ पर खेले।
उसके खिलौने साफ हों।
चपà¥à¤ªà¤², जूते और पालतू जानवरों के बरà¥à¤¤à¤¨ उसकी पहà¥à¤‚च से दूर हों।
उसके हाथ बार-बार धà¥à¤²à¥‡à¤‚, खासकर कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से पहले।
यदि आपके घर में आया शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करती है, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि वह à¤à¥€ साफ-सफाई का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखे। उसे रोजाना नहाना चाहिà¤, उसके नाखून कटे होने चाहिà¤à¥¤ साथ ही शिशॠको छूने से पहले और शौचालय का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के बाद हर बार उसे अपने हाथ धोने चाहिà¤à¥¤
शिशॠके बरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚, कप, गिलास, कटोरी और अनà¥à¤¯ चीजों को अलग रखें। शिशॠके साथ à¤à¥‹à¤œà¤¨ या अनà¥à¤¯ निजी चीजें जैसे कि तौलिया, कपड़े और रà¥à¤®à¤¾à¤² साà¤à¤¾ न करें, खासकर यदि परिवार में किसी को इनफेकà¥à¤¶à¤¨ है तो।
पीने के लिठहमेशा उबला हà¥à¤† या फिलà¥à¤Ÿà¤° किया हà¥à¤† पानी लें। यदि आप शिशॠके लिठफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध तैयार कर रही हैं, तो इसके लिठउबालकर ठंडा किया हà¥à¤† और उचित ढंग से सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° किया गया पानी ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उबालकर ठंंडा किठगठपानी को à¤à¤¯à¤°à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿ बोतल में रखा जाà¤, ताकि यह दूषित न हो सके। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि जिन बोतलों में पानी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करके रखा जाता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नियमित तौर पर धोया जाà¤à¥¤ साथ ही खाना बनाने और अनà¥à¤¯ तैयारी में à¤à¥€ साफ-सफाई का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤
यदि आपके घर में पालतू जानवर हैं, तो वे शौच के लिठपà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होने चाहिठताकि घर में इधर-उधर गंदगी न करें। यदि आपके पालतू जानवर की तबियत ठीक न हो या उसे डायरिया हो तो उसे शिशॠके कमरे से दूर रखें। उसे शिशॠकी कॉट या पलंग पर न चढ़ने दें और शिशॠकी चीजें उसकी पहà¥à¤‚च से दूर रखें।
| --------------------------- | --------------------------- |